वैदिक भारत विकास संघ की स्थापना रजिस्ट्रेशन संख्याः १०३/०२५ के अंतर्गत सन २०२५ को हुई और इसके लोगो का विमोचन १५ अगस्त २०२५ को बी.एस.ए. कॉलेज के प्राचार्य महोदय के
सहयोग से माननीय मंत्री जी श्री लक्ष्मी नारायण जी, माननीय जिलाधिकारी महोदय श्री चंद्र प्रकाश जी की गरिमामयी उपस्थिति में जारी किया गया।
हमारा उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर गौ संरक्षण व्यवस्था (गौशाला विकास, गौ-रक्षा और पर्यावरण संरक्षण।),
गुरुकुल व्यवस्था (गुरुकुल व्यवस्था द्वारा शिक्षा को प्रोत्साहित करना।),
खेलकूद व्यवस्था (बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए खेलकूद को प्रोत्साहन एवं व्यवस्था करना।),
आयुर्वेद चिकित्सा (आयुर्वेद चिकित्सा को प्रोत्साहन एवं व्यवस्था करना।),
योग प्रणायाम (मानसिक और शारीरिक स्वस्थ के लिए योग प्रणायाम को प्रोत्साहन एवं व्यवस्था करना।) व्यवस्था को विकसित करना है।
वैदिक भारत विकास संघ अपने सिद्धांतों और उद्देश्यों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। संघ का उद्देश्य समाज में शांति,सद्भाव और वैदिक संस्कृति का पालन सुनिश्चित करना है।
वैदिक भारत विकास संघ का उद्देश्य यह है की गोचारण भूमि और ग्राम सभा भूमि का विकासीकरण जिसके तहत ज्यादा तरह की गौचारण भूमि, ग्राम सभा भूमि देश के सभी गांव और शहरों में है।
इस भूमि पर या तो कब्जे है या खली पड़ी है। अगर इसी भूमि का विकासीकरण करके सदउपयोग किया जाय तो इसका फायदा प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक वर्ग को होगा।
वैदिक भारत विकास संघ द्वारा इस भूमि के विकसीकरण में जो योजनाएं शामिल है उनको उसी क्षेत्र के निवासी व्यक्तियों के साथ मिलकर पूर्ण कराना ही उद्देश्य है।
वैदिक भारत विकास संघ के उद्देश्य में जो योजनायें शामिल हैं उनका विवरण निम्न है :
-
गौशाला : गोचारण भूमि पर गाँव-२, शहर-२ गऊशाला स्थापित हो जिसका फायदा प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक समुदाय, प्रत्येक इंसान को मिलेगा।
इससे यह होगा की जो गाय माता सडक पर आवारा पशु की तरह घूम रही है जिससे आये दिन एक्सीडेन्ट होते रहने की समस्या का हल हो जायेगा।
साथ ही गाँव-२, शहर-२ शुद्ध दूध मिल सकेगा, जिससे दूध के नाम पर केमीकल रूपी जहर से छुटकारा भी मिलेगा।
इसी के साथ हर गांव, हर शहर में कम से कम गऊशाला पर कार्य करने के लिये 50 से 100 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
-
शिक्षा व्यवस्था : ग्राम सभा भूमि पर गांव-२, शहर-२ गुरुकुल परंपरा के अनुसार पुनः स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा।
इससे यह होगा की बालक या बालिका 5 वर्ष का होते ही अपने ही क्षेत्र के गुरुकुल में ही अच्छी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेगा/सकेगी।
जिसमे की लडकों का अलग गुरुकुल होग और लडकियों का अलग गुरुकुल होगा।
गुरुकुल में हर तरह की जैसे हिंदी, संस्कृत, अग्रेजी, गणित, पूजा पद्धति, वेद, गीता, कम्प्यूटर, सांस्कृतिक, शरीरिक शिक्षा एवं समय के अनुसार
अन्य आधुनिक विषयों की भी शिक्षा दी जायेगी। जिससे की आज कल के दौर की जरूरत के अनुसार बच्चे संस्कारी बनेंगे और बच्चों का तेज, अत्मबल भी बढ़ेगा।
-
खेल अकादमी : ग्राम सभा भूमि का विकासीकरण करके गाँव-२, शहर-२ खेल अकादमी बनाए जाने से सभी वर्ग, समुदाय, हर इन्सान को इसका फायदा होगा।
जिससे की प्रोफेसनल खिलाडी हम राष्ट्रीय स्तर पर तैयार कर सकेंगे जिसके सभी तरह से हमारा देश खेल श्रेणी में भी सबसे आगे होगा जिसमें विशेष तोर पर जो हमारे देश की
प्राचीन कुश्ती (मल्लविद्या) परम्परा है इसको बचाने के लिये गाँव-२ शहर-२ कुश्ती अकादमी होना बहुत जरुरी है जिससे हमारे युवा निरोगी रहेंगे और बलवान बनेगें। धूर्मपान,
जैसी समस्याओं से भी देश के युवा कहीं तक सुरक्षित रहेंगे।
-
अयुर्वेदिक चिकित्सा : गाँव-२, शहर-२ सरकारी जमीनों पर आयुर्वेदिक चिकित्सा, विकसित करके प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक समुदाय, को इसका फायदा होगा।
आयुर्वेदिक चिकित्सा पूरे शरीर को स्वस्थ रखने का कार्य करती है।
-
योग प्राणायाम : गाँव-२- शहर-२ योग प्राणायाम शिविर लगाना इसका लाभ हर वर्ग, हर सुमुदाय के लोगों को मिलेगा।
आज के समय में भाग दौड़ भरी जिन्दगी में इंसान अपने आपको समय नही दे पा रहा है हमारा उद्देश्य रहेगा कि गांव-२,
शहर-२ में सुबह, शाम योगा प्राणायाम की क्लास लगाकर युवा, बुजुर्गों माताओं की शारीरिक समस्याओं से निजात दिलाना जिससे जीवन में खुशहाली बरकरार बनी रहे ।
-
यमुना मैया का निर्मलीकरण : हमारी कोशिश ये रहेगी की शहर के नालों के पानी का निकास यमुना नदी से हटा कर
दूसरी जगह विस्थापित करने का प्रयास करना। जिससे की एक कोशिश होगी यमुना नदी के निर्मलीकरण की।